Siraj Gambhir haye haye’ chants; assistant coach shouts at crowd, police step in after Team India protests

India’s cricket team witnessed a tense post-match moment at the Barsapara Stadium in Guwahati after a crushing defeat to South Africa national cricket team. As fans erupted in angry chants targeting head coach Gautam Gambhir, fast bowler Mohammed Siraj and the team’s assistant coach stepped in — and the local police eventually intervened.


क्या हुआ — घटना का पूरा हाल

  • मैच के बाद, कुछ दर्शकों ने “Gambhir, haye haye” और “Gambhir go back” जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए।
  • स्थिति को देखते हुए, Mohammed Siraj मैदान की ओर बढ़े और उन्होंने दर्शकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
  • इसके बाद टीम के assistant-coach Sitanshu Kotak boundary edge तक गए और गुस्साए हुए दर्शकों को फौरन चेतावनी दी — “Ek aadmi India ke liye itna bolta hai aur aap haye haye bol rahe ho?” — दर्शकों से पूछा।
  • बिगड़ती स्थिति के बीच, venue पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने एक शख्स को चिन्हित कर custody में ले लिया।

टीम, प्रशंसक और भावनाएं — क्यों हुई आलोचना

  • दर्शकों का गुस्सा उस वक्त फूटा, जब टीम ने डर से हार का सामना किया — 408 रन से हारना, जो भारतीय टेस्ट इतिहास की भारी हारों में से एक है।
  • सुनियोजित हार, चयन और टीम प्रबंधन को लेकर बढ़ती असंतोष — ये सब गुस्से की जड़ थे।
  • कई फैंस ने अपने निराशा और निराशाजनक प्रदर्शन के लिए कोचिंग स्टाफ को जिम्मेदार माना, और इसलिए उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।

टीम की प्रतिक्रिया, कोच का खामियाजा और BCCI की स्थिति

  • मैच के तुरंत बाद, BCCI ने पुष्टि की है कि फिलहाल कोच Gambhir के खिलाफ कोई तत्काल कार्रवाई नहीं होगी। बोर्ड ने कहा कि टीम अभी “transition phase” में है।
  • हालांकि, हार और निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से, कई पूर्व खिलाड़ियों और टीम समर्थकों ने मांग की है कि टीम को red-ball format के लिए एक specialist coach मिले।
  • इस घटना ने दर्शकों और टीम के बीच भरोसे की खाई उजागर कर दी है — कुछ पल के लिए स्टेडियम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सारांश — क्या यह सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया थी?

इस घटना ने दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं — यह हजारों दिलों की उम्मीदों, निराशाओं और भावनाओं का मिश्रण है।
जब प्रदर्शन नीचे गिरता है, तो समान रूप से आलोचना और असंतोष भी बढ़ जाते हैं — लेकिन ऐसे नारेबाजी और व्यक्तिगत हमलों से टीम का मनोबल गिरने का खतरा रहता है।
Mohammed Siraj और Sitanshu Kotak द्वारा संयम से की गई अपील ने वक़्त पर माहौल काबू में किया — और पुलिस का हस्तक्षेप यह संकेत है कि खेल और दर्शकों की सीमाओं का सम्मान ज़रूरी है।

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